Friends & Relationship

आज बड़े दिनो बाद एक पुराने दोस्त के साथ लम्बी ड्राईव पे निकला सुबह 8 बजे घर से निकल चुका था दोस्त ने कहा जहाँ हम जाने वाले है उस तरफ काफी ठंड रहती है

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मैं क्या लिखूँ

क्या ये लिखूँ की वो मुझे ऐसी लगती है जैसे कोई हूर अभी अभी चाँद की चांदनी में नहा के निकली हो या ये लिखूँ की उसके सूर्ख गुलाबी रुक्सार बिलकुल फूलों की पंखुडी से भी कोमल है

रानी पद्मावती , राजा रतनसिंह , सुलतान अल्लाउद्दीन खिलजी

नोट :- यह पोस्ट किसी भी व्यक्ति समाज या खास लोगो की आस्था को चोट पहुँचाना या किसी को बदनाम करना नहीं है इसका मकसद सिर्फ एक है अपनी बुद्धि और सुझबुझ से सत्य की और जाना जितना हो सके सत्य के करीब बने रहना इसके बावजूद अगर इस लेख से या लेखक के द्वारा लिखी किसी बात से किसी की भावना को ठेस पहुँचती है तो इसके लिए क्षमा का प्रार्थी हूँ |

ज़िन्दगी – LIFE Part 2

मैं भी सबकी तरह संघर्ष कर रहा था अपने भविष्य की लिए उस भविष्य के लिए जो कभी है ही नहीं यह इस लिए कह रहा हूँ की वस्ताविकता में भविष्य होता ही नहीं भविष्य एक कल्पना मात्र है

ज़िन्दगी – LIFE

मोहब्बत एक लफज जो ज़िन्दगी भर साथ रही मेरे , कभी अच्छे दोस्त की तरह जब मुझे ना तो इस लफज का मतलब मालुम था और ना ही इसका एहसास बस था तो उसका साथ बहुत करीब और खूबसुरत हर काम साथ साथ करना ,

बाप पिता बाबा

कभी वक़्त मिले तो अपने बाप के करीब हो लेना अंसारी सून लेना उन्हे और उनके अरमानो के किस्से तब तुम शायद ये जान लो तुम्हारे बाप ने क्या दिया है तुम्हे तेरी हर ख्वाहिशात को पूरी करते करते तेरे बाप के पैरो के छाले भी बिक गए

Beauty = खूबसुरत

अफज़ल को सबसे कोने वाली सिट मिली वह उस जगह से सब पर एक साथ नज़र रख सकता था मगर दुसरे उस पर नहीं यह भोजनालय बहुत ही अच्छा और साफ सुथरा था

है सब कुछ अब तुम्हारा

आखरी साँस में भी , तेरे नाम की मोती  मेरी रूह निकली उखड़ कर , उसे थामने सनम  साथ रहा जब तक , वो हर वक़्त है हमारा  अब जो जुदा हुआ हूँ , है सब कुछ अब तुम्हारा