बाप पिता बाबा

images (3)

कभी वक़्त मिले तो अपने बाप के करीब हो लेना अंसारी
सून लेना उन्हे और उनके अरमानो के किस्से
तब तुम शायद ये जान लो तुम्हारे बाप ने क्या दिया है तुम्हे
तेरी हर ख्वाहिशात को पूरी करते करते
तेरे बाप के पैरो के छाले भी बिक गए
पुछ लेना उनसे क्यों अक्सर वो त्यौहारो में कुछ नहीं लेते अपने लिए
तेरी हर ब्रांदेड माँगो को कैसे पूरा किया है उन्होंने
तेरे बाप ने जो कभी तुझे ड़ाटा तो झीड़क उठा है तू
कभी अपने बाप की साँसो को मेहसुस करना अब भी दुआ है उसमे

images (2)
पैर थक के चूर हो चुके है फिर भी वो पैदल चल रहा है
तेरी गाड़ी के पेट्रोल की पैसे अपने कदमो से भर रहा है
हर आरजू हर तमन्ना हर एक ख्वाब बस टुकडा टुकडा है
तेरे ख्वाब की ईमारत में जो उन्हे इटों की जगह लेना है
तेरी नासाज तबियत की हर आहट की उन्हे खबर थी
आज वो तकलीफो में है मगर तू तो अब बहाने करता है
तेरे रगो में दौड़ता खून खून नहीं है अंसारी
तपती धूप में निकले तेरे बाप का पसीना दौड़ता है
आज उनके पुराने कपडे तुझे बेढंग से लगते है
यूँही तेरे बाप ने तुझे ब्रांड नहीं पेहना दिया है
तेरे हांथो में जो बुलंदी की लकीरे चमक रही है
तेरे बाप के हांथो में पड़े छालों से वो दमक रही है

images (4)
बाप का रवियया शख्त तो होता है मगर
उसकी हर शख्ती सिर्फ बाहर तक ही सीमित होती है
कभी वक़्त मिले तो अपने बाप के करीब हो लेना अंसारी
तुझे पता चलेगा कितने टुकडे हो चुके उनके तुझे पूरा करते करते
बाप का दिल बहुत नर्म होता है और उनका मिजाज़ गर्म होता है
तू ये भूल जाता है हर वार को तुझसे पहले तेरे बाप को सहना है

All image credit Google

__________________________________________________________________________________

© 2017 Md Danish Ansari

Advertisements

10 विचार “बाप पिता बाबा&rdquo पर;

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

w

Connecting to %s