My Shayri Album For You

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My First Crush & Last – Last Part

वो तो एक राज़ है अंसारी तुम उसे चाहे जैसा समझ लो बस यही मेरी और उसकी इतनी सी कहानी है तुम उस एक मुस्कुराहट का जो चाहो मतलब निकाल सकते हो जैसा तुम्हारा दिल चाहे या जैसा तुम्हारा दिमाग कहे बस उसे

My First Crush & Last

जब मैंने उसे पहली बार देखा तो वह स्टेज पर खड़ी थी और मैं स्टेज के परदे को पकडे हुए किनारे पर खड़ा था हमारे स्कूल में वार्षिक उत्सव मनाया जा रहा था जिसमे वो भी भाग ली थी एक डांस में वो बहुत घबराई हुई थी

गुफ़्तगू- मस्ताना आशिक़ और अंसारी 2

साथ रहने का वो बार बार कसमे खाते है फिर उनका झट से मुकर जाना हमें बड़ा अच्छा लगता है मुझे डर ही नहीं अंसारी के वो चले जायेंगे एक दिन मुझे छोड़ कर वो मुझे अपना मान बैठी है मैं उसे मान बैठा ये एहसास बड़ा अच्छा लगता है

गुफ़्तगू- मस्ताना आशिक़ और अंसारी

बताओ परवाने इश्क के नाम पे जिस्म का खेल किस किस ने खेला है  सुना है ये मोहब्बत का व्यवपार इस पूरी दुनिया में बहुत फैला है