गुफ़्तगू- मस्ताना आशिक़ और अंसारी 2

साथ रहने का वो बार बार कसमे खाते है फिर उनका झट से मुकर जाना हमें बड़ा अच्छा लगता है मुझे डर ही नहीं अंसारी के वो चले जायेंगे एक दिन मुझे छोड़ कर वो मुझे अपना मान बैठी है मैं उसे मान बैठा ये एहसास बड़ा अच्छा लगता है

गुफ़्तगू- मस्ताना आशिक़ और अंसारी

बताओ परवाने इश्क के नाम पे जिस्म का खेल किस किस ने खेला है  सुना है ये मोहब्बत का व्यवपार इस पूरी दुनिया में बहुत फैला है