मैं हिंदुस्तान हूँ – मोब, लीनचिंग

मैं हिंदुस्तान हूँ
मोब, लीनचिंग
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लेकिन उन सभी सपूतों में कुछ ऐसे भी थे
जिनके खून में मेरे नमक की हलाली न थी
उनके विचारों के अनुसार अब मैं नही रहा
मैं उनकी कुंठित विचारधाराओं से मुक्त था
लेकिन हमेशा यह डर रहा
वो साजिसे रच रहे थे लगातार कर रहे थे
मेरे गौरवशाली इतिहास को छेड रहे थे
वक़्त की धार ने पुराने इतिहास को धुंधला कर दिया
इसका फायदा लेकर उन्होंने झूठा इतिहास बना दिया
वक़्त की धार उस पर भी पड़ी
 लेकिन उसने नफरत का बीज बोया था
वो अब उस चट्टान का सीना चिर एक वृक्ष बन बैठा
इसकी लताये दूर सीमाओं तक फैली थी
वह खुद को राष्ट्रवादी तो कहता मगर
वह अंधराष्ट्रवादी ही रहा
खुद मुझसे गद्दारी करता दुसरो से
राष्ट्रवादी का सबूत मांगता फिरता
यह अन्ध राष्ट्रवादों की अंधी
राष्ट्रवादी आंधी है
ये तुम्हे डराएंगे फिर धमकाएँगे
न मानी इनकी बात तो तुम्हे भटकायेंगे
न भटके फिर भी तुम तो तुम्हे ये सतायेंगे
उससे भी न माने तुम तब वो तुम्हारी हत्या करवायेंगे
इनका सुरु से यही व्यवपार रहा है
अब तुम सब सोच लो
या तो एक होकर एक दूसरे की हक़ की लड़ाई लड़ो
या फिर फुट डालो राज करो
मैं हिंदुस्तान हूँ
भूलना मत मैं हिंदुस्तान हूँ
मैं हूँ तो तुम हो मैं नही तो तुम भी नही
मैं हिंदुस्तान हूँ
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© 2017 Md. Danish Ansari
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5 विचार “मैं हिंदुस्तान हूँ – मोब, लीनचिंग&rdquo पर;

    1. bhid ke dwara kisi vyakti ko pit pit kar maar dalna ya use apmanit karna jaisa ki haal hi ke 2014 se jiski tadaad lagatar badh rahi hai bhidtantra apni puri taqat laga rahi hai isi liye mera aagrah un sabhi logo se ek ho kar is bhidtantra se ladne ke liye hai jinhe loktantra pyara hai fir chahe wo kisi bhi majhab ya jati varg se aate ho koi fark nahi padta kyoki loktantra me ham sab ek saman hai mob lynching ki ghatna is liye bhi ghatak hoti kyoki yah grih yudh ki sidhi me se ek sidhi hai jisme ek khas logo ko nishana banya jata hai unke prati dharmik raajnetik samajik ghrinda felai jaati jhut ka prachar prasaar kiya jata hai sach ko kuchal diya jata hai or fir yah tandav suru ho jata hai iska sabse bada sabut hitler raha sath hi duniya bhar ke un desho ka itihaas bhi jaha kabhi na kabhi grih yudh hua hai

      meri yahi dua is Bhidtantra V/S Loktantra ki ladai me Loktantra hi jite bhid nahi

      Liked by 1 व्यक्ति

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