तेरी याद 2 ……

अब जो तू किसी और की अमानत है तेरा ख्याल भी करना मुझ पर हराम है यादे तेरी है मेरे पास, वो मुझ पर हलाल है यादों के सहारे ही अब सारी उम्र गुज़री है तेरी यादे न होती तो ज़िन्दगी कुछ नही होती बंजर ज़मी जिसमे हरयाली एक ख्वाब होती सच कहूं तो बहुत … पढ़ना जारी रखें तेरी याद 2 ……

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तेरी याद 2……

तेरी बाँहों में आकर हमने खुद को सौप दिया तेरी सांसों को पाकर हमने खुद को गर्म कर लिया दुनिया में हर मोड़ पर खड़े है क़ातिल खंजर लेकर तुझपे ऐतबार करके हमने खुद को महफूज़ कर लिया इस कदर हमने तुम पर अपना वजूद लिख दिया साथ पाकर तेरा हमने खुद को मशहूर कर … पढ़ना जारी रखें तेरी याद 2……

तेरी याद……

ख्यालो का क्या है आते है चले जाते है, इलाज तो यादों का होना चाहिए कोई ईलाज नही उनकी यादों का जब जी चाहे मुझ पर हावी हो जाते है जो तन्हाई में होता हूँ मैं कभी जो उनकी याद आये तो हम मुस्कुराते है सबको आंसू तो दिखा नही सकते अपने झूटी ही सही … पढ़ना जारी रखें तेरी याद……

हाले दिल ३……

मुझे दिए हुए हर दर्द का हिसाब तुम सब को देना होगा अपनी हर साजिश का इक़रार तुम सब को करना होगा कैसे बचो के मेरे रब की बारगाह में तुम सब लोग तुम्हे अपनी हर गुनाह का इक़रार वहा करना होगा किस हक़ से तुमने मेरी मुहब्बत को झूठा बताया होगा किस नज़रिये ने … पढ़ना जारी रखें हाले दिल ३……

तेरी याद……

जब भरी दौपेहरी में बारिश होती है तो तेरी याद आती है जब दरख़्त के साए तले होते तेरे जुल्फ की याद आती है प्यास की सिद्दत मुझे तड़पाये तो तेरे लबो की याद आती है जब हवा चुपके से होकर मुझे छू जाये तो तेरी याद आती है तेरा अचानक से मुझसे लिपट जाना … पढ़ना जारी रखें तेरी याद……

खाक……

नाराज़गी तो यहा हर किसी में भरी है, मेरे दिल को ही देख लो अपना होकर भी नाराज है. किसी की नाराज़गी का मुझे फर्क नही पड़ता  वो नाराज़ हो जाये तो ये दिल भी अपना नही लगता कुछ लोग अपने दर्द को इतने अच्छे तरीके से छुपा लेते है के कोई जान ही नही … पढ़ना जारी रखें खाक……

हाले दिल २ ……

उसके हर लफ्ज़ लफ्ज़ में दर्द की इंतिहा है तकलीफ है बेइंतिहा है मेरा दर्द भी शायद कुछ उसके जैसा है जो कुछ भी है बेमिशाल सा है उसके बारे में मैं क्या लिखूं जिसके लिए मेरा हर्फ़ हर्फ़ मचलता है। जो फिसला मेरे हाँथ से वो पल नही मिला मेरा गुज़रा हुआ कल मुझे … पढ़ना जारी रखें हाले दिल २ ……

हाले दिल

लिख दूँ ऐसा कलाम मैं उसके लिए होंठो पर मेरे जाने के बाद वो कलमे की तरह पढ़ा करें। उसके रुख़्सार पर ढले है मेरी शाम के किश्से खा़मोशी से पढ़ा हूआ मौहब्बत का कलम़ा है वो, उसके रुख्सार पर जो एक मोती ठहरा मैंने लबो से अपने उन्हें चुन लिया गजब का हुनर रखते … पढ़ना जारी रखें हाले दिल

औरत…..

औरत दूसरी पहलु है मुहब्बत की मूरत है स्नेह प्रेम त्याग की इससे घर भी बस्ते है और उजड़ते भी इसकी परिश्रम का परिणाम सफलता भी ये वो प्रकाश है जो नज़र में तो नही है पर इसका प्रभाव हर कही है इसकी मुहब्बत जिसे भी मिली है वो सदा सफलता के शीर्ष पर है … पढ़ना जारी रखें औरत…..

मैं इंसान हूँ

बहनो की डोली उठ गयी भाइयो का निकाह हो गया न दर्द में किसी का बाट सका न खुशियों खुशियों का मेहमान हुआ अपने ही इस देश में मैं सबके शक का ग़ुलाम हूँ मैं इस देश के दोतरफा कानूनों का मुज़रिम हूँ मैं मोहम्मद रफीक हूँ मैं मोहम्मद हुसैन हूँ कसूर है मेरा ये … पढ़ना जारी रखें मैं इंसान हूँ