मेरे कलम से…

मलाल तो हमेशा मुझे इस बात का रहेगा चंद लफ्जों के इंतज़ार में तूने मोहब्बत ठुकरा दी मेरे जाने के बाद इतनी तो इमानदारी बख्शना कोई पूछे तो बता देना किसी का दीवाना मैं था मेरी सांसो की गर्माहट में इस क़दर बस गए हो तुम हर साँस को अब खर्च करने से डर लगता … पढ़ना जारी रखें मेरे कलम से…